ओसामा को पकड़वाने वाला डॉक्टर 6 साल से जेल में बंद, अमेरिका भी नहीं करा पाया रिहा

शकील अफरीदी पाकिस्तान की जेल में लंबे समय से बंद हैं. 2011 के बाद से वो अपनी जिंदगी जेल में ही गुजार रहे हैं. पाकिस्तानी डॉक्टर शकील ने अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में अमेरिकी सेना की मदद की थी. अमेरिका को भी इस बात से हैरानी है कि आखिर पाकिस्तान उस इंसान को जेल की सजा कैसे दे सकती है जिसने 9/11 के हमलों के मास्टरमाइंड को खोजने में मदद की.

वाशिंगटन में वुडरो विल्सन सेंटर के एशिया प्रोग्राम के उपनिदेशक माइकल कुगलमैन कहते हैं कि शकील अफरीदी की गाथा अमेरिका-पाकिस्तान के रिश्तों की उपयुक्त उपमा है. दोनों देशों के बीच अविश्वास और गलत बातचीत से आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण कोशिशें खतरे में पड़ रही हैं.

अमेरिका का मानना है कि वित्तीय सहायता देने से तालिबान के मसले में उसे बोलने का अधिकार मिल गया है. फॉक्स न्यूज के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने अफरीदी को आजाद कराने का वचन दिया था. अप्रैल 2016 में ट्रंप ने कहा था कि वह अफरीदी को 2 मिनट में जेल से बाहर निकलवा देंगे. क्योंकि हम (अमेरिका) पाकिस्तान की काफी मदद करते हैं. लेकिन पाकिस्तान इसे अपने मामलों में अमेरिका के हस्तक्षेप के रूप में देखकर चिढ़ा हुआ है.

इस्लामाबाद में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ पीस स्टडीज के निदेशक मोहम्मद आमिर राणा के अनुसार दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी अब पुरानी बात है. ये तब तक बनी रहेगी जब तक अमेरिका और पाकिस्तान एक दूसरे को लेकर अपनी उम्मीदें नहीं बदलते. उन्होंने आगे कहा कि शकील अफरीदी एक बड़ी पहेली का हिस्सा हैं.

अफरीदी ने 2012 के बाद से अपने वकील तक को नहीं देखा. केवल उनकी पत्नी और बच्चे ही उनसे मिलने आते हैं. दो साल से उनकी फाइल गायब है और कोर्ट की अपील में देर हो रही है जिसपर अभी तक कार्यवाही नहीं हुई. उनके वकील कमर नदीम अफरीदी ने बताया कि कोर्ट का कहना है कि एक अभियोजक भी उपलब्ध नहीं है.

अफरीदी के चचेरे भाई नदीम बताते हैं कि अब तो हर कोई उसके बारे में बात करने से भी डरता है. उसका नाम लेने से भी लोग डरने लगे हैं. जिसकी कोई भी वजह नहीं है.

अफरीदी के केस से जुड़े लोगों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है. नदीम के ऑफिस की दीवारों पर गोलियों की निशानें देखी जा सकती हैं. अफरीदी के एक दूसरे वकील को उसके पेशावर स्थित घर के सामने गोली मार दी गई थी. इसके अलावा पेशावर जेल के उप अधीक्षक जो अफरीदी की ओर से पैरवी कर रहे थे उन्हें भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया.

बता दें अफरीदी ने ओसामा बिन लादेन को पकड़वाने के लिए नकली हेपेटाइटिस वेक्सीनेशन प्रोग्राम का इस्तेमाल किया था. हालांकि ओसामा बिन लादेन से जुड़े किसी भी मामले में उन पर कोई आरोप नहीं है.

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